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भानगढ़ का भूतिया राज । भानगढ़ किले की डर की सच्ची तस्वीरें- कोई नहीं बचेगा सब मारे जाएंगे

The mystery of haunted fort-bhangarh   

      भानगढ़ राजस्थान का भूतिया किला
नमस्कार दोस्तों आज इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे भानगढ़ का रहस्य आखिर क्या है भानगढ़ का रहस्य और क्यों इसे भूतिया किला कहा जाता है।

आपको बता दें भानगढ़ किला अपनी पैरानॉर्मल एक्टिविटीज के कारण पूरे विश्व में प्रसिद्ध है और आने वाले विदेशी पर्यटकों के लिए एक आकर्षण का केंद्र है बहुत सारे ऐसे विदेशी पर्यटक आते हैं जो यह पता लगाना चाहते हैं कि क्यों भानगढ़ एक भूतिया है क्या हुआ था भानगढ़ में आज से 300 साल पहले।


The mistrey of bhangarh

  आपको बता दें भानगढ़ किला राजस्थान के अलवर जिले में स्थित है और  इस किले का निर्माण 16वीं शताब्दी में मुगल साम्राज्य के टाइम करवाया गया था भारतीय पुरातत्व विभाग ने भी सबूत इकट्ठा किए थे

यह वाकई में एक भूतिया है। भारतीय पुरातत्व विभाग ने जब इस किले की खुदाई की तब उन्हें ऐसी कुछ अजीबोगरीब वस्तुएं मिली जिसे देखकर भारतीय पुरातत्व विभाग ने और भारत सरकार ने मिलकर यह फैसला किया कि इस किले को बैन कर दिया जाए सूर्यास्त के बाद कोई भी इस किले के अंदर प्रवेश ना करें
और बहुत कड़ी सुरक्षा के अंदर रात के समय इस किले  को रखा जाता है क्या वजह है ?


आपको बता दें जब भारतीय पुरातात्विक विभाग ने अपने ऑफिस इस किले के अंदर बनाना चाहा तो 1 महीने के अंदर कुछ ऐसा हुआ कि उन्हें यहां से ऑफिस छोड़ना पड़ा और बहुत दूर यहां से ऑफिस बनाना पड़ा

 इस किले की एक सच्चाई यह भी है कि इस किले के अंदर बहुत सारे मंदिर हैं  लेकिन एक भी मंदिर के अंदर भगवान की मूर्तियां नहीं है।

     The real story of bhangarh fort

    अब सुनिए भानगढ़ की रहस्यमई कहानी

   भानगढ़ की यह कहानी भानगढ़ की राजकुमारी रत्नावती पर आधारित है 16 वी सताब्दी में भानगढ़ 
पर रत्नावती का साम्राज्य था और कहते हैं रत्नावती बहुत ज्यादा खूबसूरत थी और आसपास के इलाके के सारे राजकुमार रानी रत्नावती के रूप के दीवाने थे, हर कोई चाहता था कि वह रत्नावती से विवाह करे।

रत्नावती के रूप के चर्चे पूरे भारत में थे और पूरे भारत के जितने भी राजकुमार थे वह चाहते थे कि वह रानी रत्नावती से विवाह करें ।

 1 दिन रानी रत्नावती अपनी सहेली के साथ घूमने निकलती है और इसी दौरान एक दुकान पर पहुंचती है जहां पर वह एक इत्र की बोतल को पसंद करती है और उसे ढूंढती है इत्र की खुशबू रानी रत्नावती को बहुत ज्यादा पसंद आ जाती है ।
इसी दौरान दुकान के बाहर एक सिंधु सेवड़ा नाम का व्यक्ति जो कि पेसे से एक तांत्रिक था ।रानी रत्नावती को देख रहा था और वह रानी रत्नावती की खूबसूरती को देखकर उसका दीवाना हो जाता है और हर हाल में रानी रत्नावती को पाना चाहता है।

वह तांत्रिक रानी रत्नावती के राज्य में ही रहता है । और इतना आशक्त हो गया था कि वह हर हाल में रानी रत्नावती को पाना चाहता है ।

जिस इत्र की बोतल को रानी रत्नावती देख रही थी उस इत्र की बोतल पर उस तांत्रिक ने टोना-टोटका कर दिया था । लेकिन उस दुकान का मालिक बहुत समझदार था               
           उसने रानी रत्नावती को बता दिया।
रानी रत्नावती ने उस इत्र  की बोतल को उठाया और पत्थर पर मारकर उस इत्र की बोतल को तोड़ देती है जिससे सारा इत्र उस पत्थर पर बिखर जाता है और इसी दौरान वह पत्थर तांत्रिक की तरफ खिसकने लगता है। और तांत्रिक को कुचल देता है पत्थर इतना भयानक था की मौके पर ही तांत्रिक की मौत हो जाती है और मरते मरते तांत्रिक एक श्राप  दे जाता है
  
   "किले में रहने वाला कोई भी जिंदा नहीं बचेगा.. सब मारे जाएंगे सबकी आत्मा सालों तक मेरी तरह भटकती रहेगी और आने वाले टाइम में कोई भी इस किले पर  शासन नहीं कर पाएगा"
       यहां पर ताउम्र आत्मा भटकेगी

और तब से लेकर आज तक भानगढ़ और अजबगढ़ में सारे लोग मारे गए । जितने भी किले में थे सारे मारे गए कोई भी जिंदा नहीं बचा और दोनों कीले खंडहर में तब्दील हो गए यह भी कहते हैं कि आज भी इस किले में उस स्थान पर तांत्रिक की आत्मा भटकती है ।

 और दूसरी कहानी यह भी है कि वह सिंधु सेवड़ा नाम का तांत्रिक किले के पास कहीं पहाड़ी पर तांत्रिक क्रियाएं करता था और वह महारानी का दीवाना था  एक दिन जब महान महारानी की दासी महारानी के लिए बालों का तेल लेने आई, तब उस तांत्रिक ने उस बालों के तेल में जादू टोना कर दिया । "जो भी इस दिल को अपने बालों में लगाएगा वह तांत्रिक के बस में हो जाएगा"


 तब से लेकर आज तक भानगढ़  मैं हजारों ऐसी घटनाएं घट गई है जिससे यह साबित होता है कि यहां पर आत्माओं का वास है और आत्मा दिन में भी देखने को मिल जाती है।

 तांत्रिक का श्राप था कि यहां की एक भी आत्मा को मुक्ति नहीं होगी सारी रात माई सालों तक भटकती रहेगी और वही हो रहा है।

तब से लेकर अब तक भानगढ़ में रात को जाना वर्जित है जो भी रात को भानगढ़ किले में प्रवेश किया वह आज तक वापस नहीं आया यह रिकॉर्ड है भानगढ़ पर हजारों में डॉक्यूमेंट्री पिक्चरें बनी हुई है।
 राजस्थान के अलवर जिले का यह भानगढ़ पूरे विश्व में अपनी भूतिया गतिविधियों के लिए जाना जाता है।

    दोस्तों कैसे लगी आपको हमारी यह कहानी यह कोई फेक नहीं है यह एक रियल कहानी है जो भानगढ़ के रहस्य को बयां करती है यदि आपको यह आर्टिकल पसंद आया तो अपना कमेंट जरूर शेयर करें...

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